International day of yoga 2022: कर्नाटक के मैसूर में पैलेस ग्राउंड पर 15000 लोगो के नेतृत्व में पीएम मोदीजी ने किया योगाभ्यास. योग को “पार्ट ऑफ़ लाइफ” की बजाय “वे ऑफ़ लाइफ” की तरह जीने पर दिया बल.

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “योग” का प्रचम आज पुरे विश्व में लहरा रहा है. जानकारी के लिए बता दे कि मोदीजी द्वारा वर्ष 2014 में किए गये प्रयासों के कारण ही वर्ष 2015 में पुरे विश्वभर में पहली बार एक साथ योग दिवस मनाया गया. कोरोना काल के दोरान योग का महत्व और बढ़ा है.

योग दिवस 2022 पर मोदीजी के सन्देश

मोदीजी ने योग को तनाव मुक्त करने का एकमात्र रास्ता बताया है. योग को जीवन के एक हिस्से की बजाय जीवन के एक रास्ते की तरह जीने की ओर इशारा किया है. योग के रास्ते पर चलने से हमारा स्वास्थ्य, सुख एवं शांति और अधिक आन्दमय हो जायेंगे. “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया” के भाव को गति देने के लिए योग आवश्यक है. इस योग दिवस पर मोदीजी ने गार्जियन रिंग की परिकल्पना की है.

International day of yoga 2022

योग दिवस 2022 की थीम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 के लिए “yoga for Humanity” थीम रखी गई है, जिसका मतलब है मानवता के लिए योग. इसी थीम के साथ आज पुरे विश्वभर में योग दिवस मनाया जा रहा है.

आखिर 21 जून को ही क्यों?

योग दिवस का 21जून के दिन मनाने के पीछे भी खास वजह है. जैसा कि आप जानते है 21 जून को पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है. इस दिन के बाद सूर्य फिर से दक्षिणायन होने लगता है. और भारतीय परम्परा में ऐसा माना जाता है, कि सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति का उत्तम समय है. इसी कारण 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा.

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योग दिवस पर भारत के ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भारत में दिल्ली राजपथ में मनाये गये पहले योग दिवस समारोह में करीब 36000 लोगो ने भाग लिया. जिसमे 84 देशो के प्रतिनिधि शामिल हुए. 2015 के इस समारोह ने दो गिनीज रिकॉर्ड बनाये. जिसमे पहला 35985 लोगो का एक साथ योगाभ्यास करना तथा दूसरा 84 देशो के प्रतिनिधियों का एक साथ किसी एक समारोह में शामिल होना.