May 28, 2020

टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर, राज्य की महिला शोधकर्ताओं को टिस्क से मिलेंगी सुविधा

पेटेंट में ड्राफ्टिंग ,ट्रेडमार्क और डिजायन की मिलेगी निशुल्क सुविधा :-  राज्य सरकार प्रदेश को महिला शोधकर्ताओं को टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर (टिस्क) से जोड़ेगी | ताकि उनको अपने उत्पाद को पेटेंट करने के दोरान ड्राफ्टिंग ट्रेडमार्क और डिजायन की निशुल्क सुविधा मिल सके | इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख तक की फ़ीस सरकार वहन करेगी |  दरअसल कई महिला शोधार्थी विज्ञान एवं तकनिकी क्षेत्र में कम करते हुए, घरेलू परिस्थतियो के कारण इस कार्य से अगल रहना पड़ता हें | और वो इस कार्य से कुछ समय के लिए दुरी बना लेती हें | इसे शोधार्थियों को महिला वैज्ञानिकों के रूप में विकसित करने के उदेश्य से विज्ञान एवं प्रोधोगिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया हें | ताकि उनको स्वरोजगार से जोड़ा जा सके | एवं आसानी से नोकरी मिल सके |

Women Researchers From The State Will Get Facility From TISK, Technology And Innovation Support Center

इसको लेकर बिडला साईंस टेक्नोलॉजी सेंटर जयपुर, उदयपुर , कोटा ,बीकानेर और टोंक सहित अन्य जिलों में संचालित 20 विश्वविधालयों के महिला शोधार्थी , महिला प्रोफ़ेसर और ला की छात्रों को बोद्धिक संपदा अधिकार , कोपिराइटएवं पेटेंट पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित हो रही हें |

विज्ञान का बहुत बड़ा क्षेत्र शामिल हें इसमें, पेटेंट में ड्राफ्टिंग ,ट्रेडमार्क और डिजायन

Drafting, trademark and design in patents

विज्ञान एवं प्रोधोगिकी के शासन सचिव मुग्धा सिन्हा कहा हें की पेटेंट के मामले में स्टार्ट अप को ही टिस्क से निशुल्क सुविधा प्रधान की जा रही हें थी , लेकिन अब महिला शोधार्थी को भी यह सुविधा दी जाएगी | विज्ञान एवं तकनीकी एक भविष्य हें | आज जो निवेश कर रहे हें, वह भविष्य का फल हें | हमारा उदेश्य रोजगार से रोजगार देने की तरफ होना चाहिए | ताकि जिससे आज भारत के 909 विश्वविधालयों में पड़ने वाले 3.50 करोड़ विधार्थियों को भी समय रहते उचित राह मिल सके | विज्ञान का बहुत बड़ा क्षेत्र हें और जानकारी और सुविधा के आभाव में विधार्थी आगे नही बढ़ पाता | इसी कारण राज्य सरकार प्रदेश को महिला शोधकर्ताओं को टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर (टिस्क) से जोड़ेगी | ताकि उनको अपने उत्पाद को पेटेंट करने के दोरान ड्राफ्टिंग ट्रेडमार्क और डिजायन की निशुल्क सुविधा मिल सके | इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख तक की फ़ीस सरकार वहन करेगी |

विज्ञान एवं प्रोधोगिकी के शासन विश्वविधालयों को भेजेंगे विशेषज्ञ

विज्ञान एवं प्रोधोगिकी के शासन सचिव मुग्धा सिन्हा कहा हें की प्रदेश के कई विश्वविधालयों के प्रोफेसर व शोधार्थी छात्र –छात्राए जयपुर नही आ सकते | उनके लिए उनके विश्वविधालयों में पेटेंट एवं बोद्धिक सम्पदा एवं कोपिराइट के बारे में जानकारी मिल सके | इसके लिए विशेषज्ञों उनके विश्वविधालयों में में भेजा जायेगा | और आने वाले समय में चुनोतियाँ बहुत हें जिनसे आपस में जुड़कर उनका हल कर सके | और उनका हल किया जा सके | जिसके कारण ही प्रदेश सरकार ने यह लागु किया हें | आज जो निवेश कर रहे हें, वह भविष्य का फल हें | हमारा उदेश्य रोजगार से रोजगार देने की तरफ होना चाहिए | ताकि जिससे आज भारत के 909 विश्वविधालयों में पड़ने वाले 3.50 करोड़ विधार्थियों को भी समय रहते उचित राह मिल सके|

| इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख तक की फ़ीस सरकार वहन करेगी | हमारा उदेश्य रोजगार से रोजगार देने की तरफ होना चाहिए| जिसके कारण इन विधार्थियों को इनका लाभ मिल सके | उनको स्वरोजगार से जोड़ा जा सके | एवं आसानी से नोकरी मिल सके| यही सरकार का मूल मन्त्र हें |

पेटेंट में ड्राफ्टिंग ,ट्रेडमार्क और डिजायन टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर, 50 हजार से 2 लाख रुपए तक की राशी वहन करेगी सरकार

Patent Drafting, Trademark and Design Technology and Innovation Support Center

  राज्य सरकार प्रदेश को महिला शोधकर्ताओं को टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर (टिस्क) से जोड़ेगी | ताकि उनको अपने उत्पाद को पेटेंट करने के दोरान ड्राफ्टिंग ट्रेडमार्क और डिजायन की निशुल्क सुविधा मिल सके | इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख तक की फ़ीस सरकार वहन करेगी | इसके अंदर ज्यादा से ज्यादा शोधकर्ताओं को कम समय में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा | जिसके कारण शोधकर्ताओं को काम पूरा करने के बाद में तुरंत रोजगार मिल सके | इसके लिए ही सरकार ने यह सहायता राशी का प्रावधान किया गया हें | जिनके तहत ये राशी शोधकर्ताओं को दी जाएगी | | दरअसल कई महिला शोधार्थी विज्ञान एवं तकनिकी क्षेत्र में कम करते हुए, घरेलू परिस्थतियो के कारण इस कार्य से अगल रहना पड़ता हें |

इस कार्य से कुछ समय के लिए दुरी बना लेती हें | इसे शोधार्थियों को महिला वैज्ञानिकों के रूप में विकसित करने के उदेश्य से विज्ञान एवं प्रोधोगिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया हें | ताकि उनको स्वरोजगार से जोड़ा जा सके | एवं आसानी से नोकरी मिल सके |

Rajasthan Technology And Innovation Support Center 

राज्य सरकार प्रदेश को महिला शोधकर्ताओं को टेक्नोलोजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेंटर (टिस्क) से जोड़ेगी | ताकि उनको अपने उत्पाद को पेटेंट करने के दोरान ड्राफ्टिंग ट्रेडमार्क और डिजायन की निशुल्क सुविधा मिल सके | इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख तक की फ़ीस सरकार वहन करेगी | इसके अंदर ज्यादा से ज्यादा शोधकर्ताओं को कम समय में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा | जिसके कारण शोधकर्ताओं को काम पूरा करने के बाद में तुरंत रोजगार मिल सके | इसके लिए ही सरकार ने यह सहायता राशी का प्रावधान किया गया हें |  विज्ञान एवं प्रोधोगिकी के शासन सचिव मुग्धा सिन्हा कहा हें की पेटेंट के मामले में स्टार्ट अप को ही टिस्क से निशुल्क सुविधा प्रधान की जा रही हें थी , लेकिन अब महिला शोधार्थी को भी यह सुविधा दी जाएगी |

इस प्रकार की पहल  राज्य  सरकार ने शुरु की हें जिसके के कारण  विज्ञान एवं प्रोधोगिकी के शासन सचिव मुग्धा सिन्हा कहा हें की पेटेंट के मामले में स्टार्ट अप को ही टिस्क से निशुल्क सुविधा प्रधान की  जा सके |

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